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भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) और ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की समय सीमा बढ़ा दी है। यह घोषणा एक प्रेस रिलीज़ के माध्यम से की गई, जिस पर CBDT की ओर से कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स और ऑफिशियल स्पोक्सपर्सन वी. रजिथा के हस्ताक्षर हैं।
मुख्य बदलाव और नई समय सीमाएं:
- आयकर रिटर्न (ITR) की समय सीमा में विस्तार
- आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139 की उप-धारा (1) के खंड (a) के तहत उन करदाताओं के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि, जिनके खाते का ऑडिट आवश्यक है, 31 अक्टूबर, 2025 से बढ़ाकर 10 दिसंबर, 2025 कर दी गई है।
- यह विस्तार वित्तीय वर्ष 2024-25 (आकलन वर्ष 2025-26) के लिए है।
- ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की समय सीमा में विस्तार
- आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के तहत ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने की ‘निर्धारित तिथि’ में भी विस्तार किया गया है।
- जिन करदाताओं के लिए ऑडिट की आवश्यकता होती है, उनके लिए ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तिथि, जिसे पहले 30 सितंबर, 2025 से बढ़ाकर 31 अक्टूबर, 2025 किया गया था, अब उसे और आगे बढ़ाकर 10 नवंबर, 2025 कर दिया गया है।
CBDT ने स्पष्ट किया है कि इस आशय का एक औपचारिक आदेश/अधिसूचना अलग से जारी की जाएगी। इस कदम से उन सभी व्यवसायों और व्यक्तियों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें अपने खातों का ऑडिट करवाना अनिवार्य है।




